तुम

ज़िन्दगी बहुत छोटी है मगर बड़ी खूबसूरत है और उस पे चार चाँद हो तुम और उस पे चार चाँद हो तुम कभी मेरी नज़रों से देखो खुदको क्या हो तुम मेरे, समझ जाओगे वफ़ा पे मेरी फिर न कभी शक करोगे वफ़ा पे मेरी फिर न कभी शक करोगे जो एक बार आ गये मेरे दिल में फिर न किसी और को चाहोगे चाह कर भी प्यार मेरा भूल न पाओगे चाह कर भी प्यार मेरा भूल न पाओगे मैं तो अपने ज़ख्मों से लड़ लूँगी हर चोट को सीने में प्यार का तोहफ़ा समझ दफन कर लूँगी तुम किस तरह प्यार निभाओगे तुम किस तरह प्यार निभाओनिभाओगे मेरा दर्द सिर्फ मेरा है तुमसे खुशियाँ निभाऊँगी तुम्हारे दर्द को भी अपना बना लूँगी ज़िंदगी निभाने का वादा किया है वफ़ा निभा जाऊँगी ज़िंदगी निभाने का वादा किया है वफ़ा निभा जाऊँगी मर कर भी सनम सिर्फ तुम्हें ही चाहूंगी मर कर भी सनम सिर्फ तुम्हें ही चाहूंगी

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