ज़िन्दगी बहुत खूबसूरत है 
लेकिन बदलियाँ हैं के थमती नहीं 
कितना भागती हूँ धूप के पीछे 
लेकिन शामें हैं के ढलती नहीं 
डरती नहीं मैं किसी भी अन्जाम से
लेकिन मुहब्बत है के सुकूं देती नहीं 

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